Sivaji Ganesan कौन है? जिन्होंने सिर्फ 7 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था

क्या आप जानते हैं कि Sivaji Ganesan कौन है? क्योंकि इन दिनों इनके बारे में बहुत सारे लोग जानना चाहते हैं। इसी वजह से हमने इस लेख में शिवाजी गणेशन के बारे में विस्तार से सभी जानकारी दी है, फिर आपको उनसे संबंधित कोई अन्य लेख पढ़ने की जरुर नहीं पड़ेगी।

Sivaji Ganesan | शिवाजी गणेशन

शिवाजी गणेशन एक भारतीय एक्टर हैं जिनका आज 1 अक्टूबर 2021 को 93वां जन्मदिन है। शिवाजी गणेशन एक सबसे प्रभावशाली अभिनेता में से एक माने जाते हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत सारी समस्याओं का समाना किया था। यही कारण है कि उन्होंने एक्टर बनने के लिए सिर्फ 7 वर्ष की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था।

शिवाजी गणेशन (Sivaji Ganesan) कौन है?

शिवाजी गणेशन एक भारतीय अभिनेता है जिसका जन्म 1 अक्टूबर 1928 को तमिलनाडु के Surakottai नामक गांव में हुआ था। जिस वजह से 1 अक्टूबर 2021 को आज उनका 93वां जन्मदिन है। वहीं उनकी मृत्यु 21 जुलाई 2001 को चेन्नई में हुई थी, उस समय शिवाजी गणेशन की आयु तकरीबन 73 वर्ष थी।

सिर्फ 7 वर्ष की आयु में छोड़ दिया था घर

शिवाजी गणेशन अभिनेता बनने के लिए सिर्फ 7 वर्ष की आयु में घर छोड़ दिया था। उसके बाद वो सबसे पहले एक थिएटर ग्रुप में शामिल होकर बाल तथा महिलाओं की भूमिका निभाने लगे थे। उसके बाद उन्हें कई मुख्य भूमिकाएं भी निभाने के लिए दी गई। फिर शिवाजी गणेशन ने दिसंबर 1945 में भारतीय राजा शिवाजी के एक नाटकीय चित्रण के बाद उसे अपने नाम से जोड़ लिया। उसके बाद से ही लोग उन्हें शिवाजी के नाम से पहचानने लगे, फिर शिवाजी गणेशन ने अपने अभिनय से लोगों को अपना मुरीद बना लिया।

साल 1952 में आई शिवाजी गणेशन की पहली फिल्म

शिवाजी गणेशन ने साल 1952 में तमिल मूवी पराशक्ति से फिल्म इंडस्ट्रीज में डेब्यू किया था। उन्होंने तमिल भाषा की फिल्मों में बेहतरीन आवाज और प्रदर्शन की बदौलत बहुत कम समय में इंटरनेशनल स्तर पर प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।

शिवाजी गणेशन की सबसे अधिक प्रचलित और प्रसिद्धि फिल्म “पसमालर” है जिसे साल 1961 में लांच किया गया था। यह एक पारिवारिक व भावनात्मक मूवी थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था, इसी वजह से यह फिल्म ब्लॉकबस्टर हुई थी।

साल 1964 में शिवाजी गणेशन ने “नवरथी” फिल्म में काम किया था, जो उनकी 100वीं फिल्म थी। जिसमे उन्होंने नौ अलग-अलग भूमिकाओं में अभिनय किया था। इसी के साथ वो एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड भी बना दिया था।

शिवाजी गणेशन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का मिला था खिताब

साल 1960 में Sivaji Ganesan को “वीरपांडिया कट्टाबोम्मन” फिल्म के लिए अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में उन्हें बेहतरीन एक्टर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी के साथ वो भारत के पहले ऐसे अभिनेता बन गए थे, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म समारोह में बेहतरीन अभिनेता के लिए पुरस्कृत किया गया।

उसके बाद साल 1995 में शिवाजी गणेशन को सर्वोच्च सम्मान के लिए शेवेलियर ऑफ़ द नेशनल ऑर्डर ऑफ़ द लीजन ऑफ़ ऑनर से सम्मानित किया गया। फिर साल 1997 में उन्हें भारत सरकार द्वारा दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया। जिसे भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज में सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है।

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