एक हिन्दू परिवार के 9 सदस्यों ने अपनाया ईसाई धर्म, लेकिन 75 वर्षीय महिला की नहीं डिगी आस्था

पिछले कुछ वर्षों से देश में धर्मांतरण के बहुत सारे नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। इन दिनों वर्तमान में झारखंड के हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड क्षेत्र में हिन्दुओं से भारी मात्रा में ईसाई धर्म में धर्मांतरित करवाया जा रहा है।

एक हिन्दू परिवार के 9 सदस्यों ने अपनाया ईसाई धर्म, लेकिन 75 वर्षीय महिला की नहीं डिगी आस्था

झारखंड के हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड क्षेत्र में लगभग सभी हिन्दुओं ने अपना धर्म बदलकर ईसाई धर्म अपना लिया है। इस क्षेत्र की एक 75 वर्षीय महिला से भी ऐसा करने को कहा गया, लेकिन वो इस के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हुई।

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झारखंड के हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड की दिग्वार पंचायत में ईसाई मिशनरियों ने एक 75 वर्षीय महिला मंझली मरांडी को धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा और उन्हें उन लोगों ने तरह-तरह के प्रलोभन भी दिए, लेकिन वो इस के लिए वो बिल्कुल भी तैयार नहीं हुई। मंझली मरांडी अपने परिवार में सबसे अधिक बुजुर्ग है और वो अपने आपको बजरंग बली का भक्त बताती है।

मंझली मरांडी का कहना है कि उनके परिवार के अन्य सभी 9 सदस्यों ने ईसाई धर्म अपना लिया है, लेकिन वो इस के लिए तैयार नहीं हुई। उनका कहना है कि वो बजरंगबली का भक्त है तथा हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करती हैं।

वहीं घर के अन्य 9 सदस्य ईसाई धर्म को मानते हुए उसी के अनुसार प्रार्थना करते हैं। उस 75 वर्षीय वर्षीय महिला का कहना है कि अपने घर के सभी लोगों को फिर से हिन्दू घर्म अपनाने को कहती है, लेकिन वो लोग उनकी बातों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं नहीं देते हैं।

मंझली मरांडी ने यह भी कहा कि वो जन्म से ही हिन्दू है और मरते वक्त तक हिन्दू ही रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के लोभ में आकर किसी को भी अपना धर्म नहीं बदलना चाहिए। मंझली मरांडी के दो बेटे हैं जिसका नाम बादल मरांडी और मोहन मरांडी है, इन दोनों ने करीब डेढ़ साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था। उसके बाद मंझली मरांडी को छोड़कर घर के अन्य सदस्यों ने भी ऐसा ही किया।

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2 thoughts on “एक हिन्दू परिवार के 9 सदस्यों ने अपनाया ईसाई धर्म, लेकिन 75 वर्षीय महिला की नहीं डिगी आस्था

  1. वे अनूसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग जिन्होंने हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया है उन्हें ST/SC आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

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